ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीरामचरितमानस · सुन्दर काण्ड

सुन्दर काण्ड दोहा 47

सुन्दर काण्ड · Sundar Kaand

मूल पाठ

अहोभाग्य मम अमित अति राम कृपा सुख पुंज। देखेउँ नयन बिरंचि सिव सेब्य जुगल पद कंज॥47॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

हे कृपा और सुख के पुंज श्री रामजी! मेरा अत्यंत असीम सौभाग्य है, जो मैंने ब्रह्मा और शिवजी के द्वारा सेवित युगल चरण कमलों को अपने नेत्रों से देखा॥47॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 47 सुन्दर काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik