ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
तालिका

पितृपक्ष में क्या नहीं करना चाहिए — विस्तार से?

की तालिका

न करें: नया कार्य, विवाह, मुंडन, मांसाहार, प्याज-लहसुन, लोहे बर्तन, बाल कटवाना, नए वस्त्र। करें: तर्पण, सात्विक भोजन, गो-सेवा, दान, गीता/गरुड़ पुराण पाठ।

क्या करेंक्या न करें
नित्य तर्पण (तिल-जल)।नया कार्य शुरू न करें — नया व्यापार, गृहप्रवेश, वाहन खरीद।
सात्विक भोजन।विवाह/सगाई न करें — मांगलिक कार्य वर्जित।
गो-सेवा, ब्राह्मण भोजन, दान।मुंडन/नामकरण जैसे संस्कार न करें।
गीता/गरुड़ पुराण पाठ।मांसाहार-मदिरा पूर्णतः वर्जित (विशेषतः श्राद्ध के दिन)।
पीपल को जल चढ़ाएँ।प्याज-लहसुन से बचें — सात्विक भोजन करें।
—लोहे के बर्तन में भोजन न बनाएँ/न खाएँ — कांसा/पीतल उत्तम।
—बाल/नाखून न कटवाएँ (कुछ परंपराओं में)।
—नए वस्त्र न खरीदें/न पहनें।
—दान लेना वर्जित (दान देना शुभ)।
—पितरों का अपमान न करें — बड़ों से अच्छा व्यवहार।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
श्राद्ध विधि

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।