| बहते जल में प्रवाहित करें — नदी, नहर या स्वच्छ बहते जल में सम्मानपूर्वक विसर्जित करना सर्वोत्तम है। | सामान्य कूड़ेदान में न फेंकें। |
| पवित्र पेड़ की जड़ में — पीपल, बरगद (वटवृक्ष) या तुलसी के पौधे की जड़ में डालना शुभ है। ये वृक्ष देवताओं का निवास माने जाते हैं। | अपवित्र स्थान (शौचालय, नाली) में न डालें। |
| बगीचे/गमले की मिट्टी में — घर के बगीचे या गमलों में दबाकर रख सकते हैं। ये खाद बनकर पौधों को पोषण देते हैं। | बासी फूलों को दोबारा भगवान को अर्पित न करें (तुलसी दल और कमल का फूल 5 दिन तक जल छिड़ककर पुनः चढ़ाए जा सकते हैं — यह एक विशेष अपवाद है)। |
| गाय को खिलाएँ — यदि फूल ताज़े हों तो गाय को खिलाना भी शुभ माना जाता है। | — |