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तालिका

पूजा के बाद बचे फूल कहाँ विसर्जित करें?

की तालिका

पूजा के बचे फूल बहते जल, पवित्र पेड़ (पीपल/बरगद/तुलसी) की जड़ या बगीचे की मिट्टी में विसर्जित करें। कूड़ेदान या अपवित्र स्थान पर कभी न फेंकें। बासी फूल दोबारा पूजा में न चढ़ाएँ।

क्या करेंक्या न करें
बहते जल में प्रवाहित करें — नदी, नहर या स्वच्छ बहते जल में सम्मानपूर्वक विसर्जित करना सर्वोत्तम है।सामान्य कूड़ेदान में न फेंकें।
पवित्र पेड़ की जड़ में — पीपल, बरगद (वटवृक्ष) या तुलसी के पौधे की जड़ में डालना शुभ है। ये वृक्ष देवताओं का निवास माने जाते हैं।अपवित्र स्थान (शौचालय, नाली) में न डालें।
बगीचे/गमले की मिट्टी में — घर के बगीचे या गमलों में दबाकर रख सकते हैं। ये खाद बनकर पौधों को पोषण देते हैं।बासी फूलों को दोबारा भगवान को अर्पित न करें (तुलसी दल और कमल का फूल 5 दिन तक जल छिड़ककर पुनः चढ़ाए जा सकते हैं — यह एक विशेष अपवाद है)।
गाय को खिलाएँ — यदि फूल ताज़े हों तो गाय को खिलाना भी शुभ माना जाता है।—
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