| यदि वर्तमान में सीढ़ियों के नीचे मंदिर है तो उसे ईशान कोण या पूर्व दिशा में स्थानांतरित करें | पैरों का दोष — सीढ़ियों पर लोग पैर रखकर चलते हैं। मंदिर के ऊपर से पैर रखकर गुजरना देवताओं का अपमान माना जाता है। |
| सीढ़ियों के नीचे के स्थान को भंडारण (स्टोरेज) के लिए उपयोग कर सकते हैं। | दबी हुई ऊर्जा — सीढ़ियों के नीचे का स्थान संकुचित और दबा हुआ होता है। यहाँ सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बाधित रहता है। |
| — | प्रकाश और वायु की कमी — सीढ़ियों के नीचे पर्याप्त प्राकृतिक प्रकाश और वायु संचार नहीं होता, जो पूजा स्थल के लिए आवश्यक है। |
| — | नकारात्मक ऊर्जा संचय — वास्तु के अनुसार सीढ़ियों के नीचे का स्थान नकारात्मक ऊर्जा के संचय का क्षेत्र होता है। |