ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
तालिका

शिवलिंग पर जल चढ़ाने का नियम क्या है?

की तालिका

तांबे के लोटे से पतली निरंतर धारा में 'ॐ नमः शिवाय' बोलते हुए जल चढ़ाएं। गंगाजल सर्वोत्तम है। शिवलिंग की जलाधारी (सोमसूत्र) न लांघें — इसीलिए आधी परिक्रमा। सोमवार और श्रावण में जलाभिषेक विशेष पुण्यकारी है।

क्या करेंक्या न करें
पात्र: तांबे के पात्र (लोटे) से जल चढ़ाएं — तांबा शुद्ध और शुभ माना गया हैकेतकी (केवड़ा) के फूल मिला जल — परंपरागत रूप से वर्जित
धारा: पतली, निरंतर धारा से जल चढ़ाएं — एक साथ बहुत अधिक जल न डालेंबासी जल
मंत्र: जल चढ़ाते समय 'ॐ नमः शिवाय' या 'ॐ नमो भगवते रुद्राय' का जप करेंनाली या अशुद्ध स्रोत का जल
दिशा: शिवलिंग के उत्तर या पूर्व की ओर खड़े होकर अभिषेक करें—
सोमवार प्रातःकाल—
महाशिवरात्रि—
श्रावण मास — प्रतिदिन—
प्रदोष काल (त्रयोदशी)—
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