का सरल उत्तर
तांबे के लोटे से पतली निरंतर धारा में 'ॐ नमः शिवाय' बोलते हुए जल चढ़ाएं। गंगाजल सर्वोत्तम है। शिवलिंग की जलाधारी (सोमसूत्र) न लांघें — इसीलिए आधी परिक्रमा। सोमवार और श्रावण में जलाभिषेक विशेष पुण्यकारी है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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