ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
बक्सर, बिहार

बक्सर — आज का पंचांग

गुरुवार, 2 अप्रैल 2026

सूर्योदय
05:45
सूर्यास्त
18:11
चंद्रोदय
18:32
चंद्रास्त
05:36

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल पूर्णिमा
प्रगति92%
नक्षत्र
हस्त (3 पाद)
स्वामी: चंद्र
योग
ध्रुव
शुभ
करण
बव
शुभ
वार
गुरुवार

राशि

चंद्र राशि
कन्या
सूर्य राशि
मीन

बक्सर — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
ध्यान, योग और साधना का श्रेष्ठ समय
04:0904:57
सूर्योदय
05:45
अभिजित मुहूर्त
दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ समय
11:3412:22
राहु काल
नए कार्य न करें
13:3115:04
यमगंड काल
अशुभ समय
16:3818:11
गुलिक काल
अशुभ समय
08:5110:25
प्रथम दुर्मुहूर्त
11:1111:58
द्वितीय दुर्मुहूर्त
16:3817:24
सूर्यास्त
18:11
चंद्रोदय
18:32
चंद्रास्त
05:36
आज विशेष
इष्टि, हनुमान जयन्ती, चैत्र पूर्णिमा, हनुमान जन्मोत्सव | Ishti, Hanuman Jayanti, Chaitra Purnima, Hanuman Janmotsava

दिन का चौघड़िया

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:4507:18
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
07:1808:51
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
08:5110:25
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
10:2511:58
चर
यात्रा, वाहन चालन
11:5813:31
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
13:3115:04
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
15:0416:38
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
16:3818:11
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

रात का चौघड़िया

18:1119:38
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
19:3821:04
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
21:0422:31
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
22:3123:58
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
23:5801:25
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
01:2502:51
चर
यात्रा, वाहन चालन
02:5104:18
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
04:1805:45
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

बक्सर का पंचांग अन्य शहरों से अलग क्यों होता है?

पंचांग की गणना में सूर्योदय और सूर्यास्त का समय मूलभूत भूमिका निभाता है। बक्सर (बिहार) की भौगोलिक स्थिति — अक्षांश और देशांतर — के कारण यहाँ सूर्य और चंद्रमा का उदय-अस्त समय अन्य शहरों से भिन्न होता है। राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल और चौघड़िया सभी सूर्योदय-सूर्यास्त पर आधारित हैं, इसलिए बक्सरके निवासियों को सदैव अपने शहर के अनुसार पंचांग देखना चाहिए।

पंचांग के पाँच अंग: तिथि (चंद्र-सूर्य कोणीय दूरी से निर्धारित चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्रमा की स्थिति 27 तारामंडलों में), योग (सूर्य+चंद्र देशांतर का योग), करण (तिथि का अर्ध भाग) और वार। ये पाँचों मिलकर दिन की शुभ-अशुभ प्रकृति बताते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बक्सर में आज सूर्योदय कब है?

बक्सर में आज सूर्योदय 05:45 बजे और सूर्यास्त 18:11 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

बक्सर में आज राहु काल कब है?

बक्सर में आज राहु काल 13:31 से 15:04 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

बक्सर का पंचांग दिल्ली से अलग क्यों है?

बक्सर और दिल्ली के बीच भौगोलिक देशांतर का अंतर है, जिससे सूर्योदय-सूर्यास्त का समय भिन्न होता है। राहु काल, चौघड़िया और अन्य मुहूर्त सूर्योदय पर आधारित होते हैं, इसलिए शहर-विशिष्ट पंचांग देखना आवश्यक है।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।