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14 दिसंबर 2025

14 दिसंबर 2025 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

14 दिसंबर 2025 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
कृष्ण दशमी
नक्षत्र
हस्त
योग
सौभाग्य
करण
विष्टि
वार
रविवार
हिन्दू मास
पौष
ऋतु
हेमन्त
सूर्योदय
07:05
सूर्यास्त
17:26

14 दिसंबर 2025 के लिए प्रश्नोत्तर

दुर्गा विसर्जन की विधि क्या है और किस दिन करें?

विजयादशमी (दशमी)। अंतिम पूजा → क्षमा → सिंदूर खेला (बंगाल) → 'या देवी सर्वभूतेषु...' → शोभायात्रा → जल विसर्जन। 'अगले वर्ष फिर आना।' मिट्टी प्रतिमा = इको-फ्रेंडली।

रविवार को नमक क्यों नहीं देना चाहिए?

ज्योतिष के अनुसार रविवार सूर्य का दिन है और नमक सूर्य से जुड़ा है। रविवार को नमक देने से सूर्य कमजोर होता है — आत्मविश्वास में कमी और बरकत जाने की मान्यता है। यह लोक-मान्यता आधारित है।

गजाच्छाया योग क्या है?

हस्त सूर्य, मघा चन्द्र और त्रयोदशी/अमावस्या का योग।

दशमी श्राद्ध से संतान सुख कैसे मिलता है?

पितृ आशीर्वाद से।

दशमी श्राद्ध के बाद संकटा देवी दर्शन क्यों?

पितृ और कर्ता के संकट शमन के लिए।

दशमी श्राद्ध में काले तिल क्यों?

पितृ तर्पण के लिए अनिवार्य द्रव्य।

दशमी श्राद्ध सुबह कर सकते हैं क्या?

नहीं, अपराह्न में करना चाहिए।

दशमी श्राद्ध में कुतप मुहूर्त क्या है?

श्राद्ध का श्रेष्ठ पितृ काल।

दशमी श्राद्ध में अश्वमेध जैसा फल मिलता है क्या?

हाँ, गया में विशेष रूप से।

दशमी को गया में कहाँ पिण्डदान करें?

गयाशिर, गयाकूप और मुण्डपृष्ठ पर।

मुण्डपृष्ठ वेदी क्या है?

गया की दशमी पिण्डदान वेदी।

गया श्राद्ध में दशमी का क्या महत्व है?

दशमी को विशेष गया वेदियों पर पिण्डदान होता है।

दशमी श्राद्ध से कुल का उद्धार होता है क्या?

हाँ, कुल उद्धार का फल बताया गया है।

दशमी श्राद्ध से कर्ता को क्या फल मिलता है?

आयु, पुत्र, यश, धन और लक्ष्मी।

सुहागिन स्त्री का श्राद्ध दशमी को होता है क्या?

नहीं, सुहागिन स्त्री का श्राद्ध नवमी को।

अकाल मृत्यु का श्राद्ध दशमी को होता है क्या?

नहीं, अकाल मृत्यु का श्राद्ध चतुर्दशी को।

पितृ पक्ष में दशमी का क्या महत्व है?

यह पितृ तृप्ति और कुल उद्धार की तिथि है।

दशमी श्राद्ध क्यों खास है?

क्योंकि इस दिन पितर अत्यंत ग्रहणशील माने गए हैं।

सभी पर्व
पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

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