ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
28 जून 2026

28 जून 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

28 जून 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
शुक्ल चतुर्दशी
नक्षत्र
ज्येष्ठा
योग
शुभ
करण
गर
वार
रविवार
हिन्दू मास
ज्येष्ठ
ऋतु
ग्रीष्म
सूर्योदय
05:26
सूर्यास्त
19:23

28 जून 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

मंदिर में स्नान यात्रा क्या होती है?

ज्येष्ठ पूर्णिमा (पुरी) — 108 कलश अभिषेक (सार्वजनिक)। बाद: 15 दिन एकांत ('बीमार') → नव यौवन → रथ यात्रा! जगन्नाथ विशेष।

रविवार को नमक क्यों नहीं देना चाहिए?

ज्योतिष के अनुसार रविवार सूर्य का दिन है और नमक सूर्य से जुड़ा है। रविवार को नमक देने से सूर्य कमजोर होता है — आत्मविश्वास में कमी और बरकत जाने की मान्यता है। यह लोक-मान्यता आधारित है।

शिव की पूजा में चतुर्दशी तिथि का क्या विशेष महत्व है?

चतुर्दशी = शिवरात्रि — शिव पूजा की सर्वश्रेष्ठ तिथि। शिव पुराण: इसी रात्रि ज्योतिर्लिंग प्रकट। चंद्र कला न्यूनतम = शिव शक्ति अधिकतम। कृष्ण पक्ष चतुर्दशी प्रत्येक मास = मासिक शिवरात्रि। महाशिवरात्रि सर्वोपरि।

शस्त्रहत पितरों का श्राद्ध कब होता है?

चतुर्दशी को।

हिंसक अकाल मृत्यु का श्राद्ध कब करें?

चतुर्दशी तिथि को।

चतुर्दशी और त्रयोदशी श्राद्ध में क्या अंतर है?

त्रयोदशी बाल/युवा; चतुर्दशी हिंसक मृत्यु।

अकाल मृत्यु का श्राद्ध किस दिन करें?

पितृ पक्ष की चतुर्दशी को।

अकाल मृत्यु का श्राद्ध एकादशी को होता है क्या?

नहीं, चतुर्दशी को।

दशमी को अकाल मृत्यु हो तो श्राद्ध कब करें?

चतुर्दशी को।

अकाल मृत्यु का श्राद्ध दशमी को होता है क्या?

नहीं, अकाल मृत्यु का श्राद्ध चतुर्दशी को।

अविधवा नवमी चतुर्दशी से अलग क्यों है?

अविधवा-त्व को विशेष पवित्र माना गया है।

चतुर्दशी श्राद्ध किनके लिए होता है?

अकाल और अप्राकृतिक मृत्यु वालों के लिए।

अकाल मृत्यु का श्राद्ध अष्टमी को होता है क्या?

नहीं, अकाल मृत्यु का श्राद्ध चतुर्दशी को।

जल में डूबने से मृत्यु का श्राद्ध कब करें?

जल में डूबने से मृत्यु का श्राद्ध चतुर्दशी को करें।

अग्नि से मृत्यु का श्राद्ध कब करें?

अग्नि से मृत्यु का श्राद्ध चतुर्दशी को करें।

दुर्घटना मृत्यु का श्राद्ध कब करें?

दुर्घटना मृत्यु का श्राद्ध चतुर्दशी को करें।

अकाल मृत्यु का सप्तमी श्राद्ध होता है?

अकाल मृत्यु का श्राद्ध सप्तमी नहीं, चतुर्दशी को होता है।

अकाल मृत्यु का श्राद्ध कब करें?

अकाल मृत्यु का श्राद्ध चतुर्दशी को करें।

सभी पर्व
पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

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