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अर्थ

सनातन धर्म का अर्थ(2)

सनातन धर्म का अर्थसनातन धर्म क्या है?सनातन धर्म का महत्व
सरल उत्तर

'सनातन' = अनादि-अनंत शाश्वत। 'धर्म' = धारण करने वाला सार्वभौमिक नियम। सनातन धर्म किसी एक व्यक्ति-काल-देश तक सीमित नहीं — यह वेदों में निहित शाश्वत सत्य और जीवन-पद्धति है।

स्रोत प्रश्न: सनातन धर्म का अर्थ क्या है? →
सनातन सिद्धांत

धर्म का अर्थ क्या है?

धर्म = 'धृ' धातु — जो धारण करे/टिकाए। कर्तव्य + नैतिकता + सही आचरण। मनुस्मृति: 10 लक्षण (धैर्य, क्षमा, सत्य, अहिंसा...)। कणाद: जो उन्नति और मोक्ष दे। महाभारत: 'अहिंसा परमो धर्मः'। गीता: स्वधर्म ही श्रेष्ठ। उपनिषद: 'न हि सत्यात् परो धर्मः'।

#धर्म#स्वधर्म#कर्तव्य
सनातन दर्शन

सनातन धर्म का अर्थ क्या है?

'सनातन' = अनादि-अनंत शाश्वत। 'धर्म' = धारण करने वाला सार्वभौमिक नियम। सनातन धर्म किसी एक व्यक्ति-काल-देश तक सीमित नहीं — यह वेदों में निहित शाश्वत सत्य और जीवन-पद्धति है।

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और अर्थ
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