ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
अर्थ

सृष्टि का अर्थ(5)

सृष्टि का अर्थसृष्टि क्या है?सृष्टि का महत्व
सरल उत्तर

इसका अर्थ है कि एक परम चेतना अनेक रूपों में प्रकट होना चाहती है।

स्रोत प्रश्न: एकोऽहं बहुस्याम का अर्थ क्या है? →
लोक

एकोऽहं बहुस्याम का अर्थ क्या है?

इसका अर्थ है कि एक परम चेतना अनेक रूपों में प्रकट होना चाहती है।

#एकोऽहं बहुस्याम#सृष्टि#वेदांत
लोक

नाद-ब्रह्म का अर्थ क्या है?

नाद-ब्रह्म का अर्थ है ध्वनि या कंपन को सृष्टि का मूल आधार मानना।

#नाद-ब्रह्म#ध्वनि#सृष्टि
लोक

योगनिद्रा से जागरण का मतलब क्या है?

यह सृष्टि के नए चक्र की शुरुआत का संकेत है।

#योगनिद्रा#जागरण#सृष्टि
लोक

धाता यथा पूर्वमकल्पयत् का अर्थ क्या है?

अर्थ है कि सृष्टि फिर पूर्ववत् रची जाती है।

#धाता#सृष्टि#कल्प
लोक

वैकुण्ठ की आधारशिला का अर्थ क्या है?

वैकुण्ठ ऊर्जा का सृष्टि से जुड़ना।

#वैकुण्ठ आधारशिला#आधार शक्ति#सृष्टि
और अर्थ
अन्य शब्दों के अर्थ

सनातन धर्म के सभी प्रमुख शब्दों के अर्थ।

सृष्टि टैग
सृष्टि पर सम्पूर्ण संग्रह

सभी सृष्टि सम्बन्धित प्रश्नोत्तर एक स्थान पर।