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क्या है

सृष्टि क्या है?(50)

सृष्टि का अर्थसृष्टि क्या है?सृष्टि का महत्व
सरल उत्तर

ऊर्ध्वस्रोत सृष्टि सात्त्विक रूप कही गई है और देवताओं की सृष्टि से जुड़ी है।

स्रोत प्रश्न: ऊर्ध्वस्रोत सृष्टि क्या है? →
लिंग तत्त्व

शिवलिंग क्या है?

लिंग को प्रधान कहा गया है और आगे वही लिंगरूप प्रणव सभी लोकों की सृष्टि करने वाला बताया गया है।

#शिवलिंग#लिंग#प्रधान
औपसर्गिक ऐश्वर्य

ब्राह्म ऐश्वर्य क्या है?

बिना कारण जगत् की सृष्टि, अनुग्रह, प्रलय, अधिकार, लोकवृत्त प्रवर्तन और संसार का कर्तृत्व ब्राह्म ऐश्वर्य है।

#ब्राह्म ऐश्वर्य#सृष्टि#अनुग्रह
सृष्टि

स्थावर-जंगम जगत क्या है?

स्थावर-जंगम जगत वही सम्पूर्ण जगत है जिसे ब्रह्मा ने जरा-मरण से युक्त बनाया।

#स्थावर जंगम#जगत#ब्रह्मा
श्रीमद्भागवत

पुरुष अवतार क्या है?

सृष्टि के आरंभ में भगवान ने महत्तत्त्व आदि से पुरुष रूप ग्रहण किया, जिसमें दस इंद्रियाँ, मन और पाँच भूत सोलह कलाएँ थीं।

#पुरुष अवतार#नारायण#विराट रूप
सर्ग

ऊर्ध्वस्रोत सृष्टि क्या है?

ऊर्ध्वस्रोत सृष्टि सात्त्विक रूप कही गई है और देवताओं की सृष्टि से जुड़ी है।

#ऊर्ध्वस्रोत#देवसर्ग#देवता
सर्ग

तिर्यक्स्रोत सृष्टि क्या है?

तिर्यक्स्रोत सृष्टि पशु आदि तिर्यक् योनिवाले जीवों की सृष्टि है।

#तिर्यक्स्रोत#पशु#पक्षी
सर्ग

मुख्य सर्ग क्या है?

मुख्य सर्ग वृक्षादि सृष्टि है, जिसमें वृक्ष, गुल्म, लता, वीरुध् और तृणरूप सर्ग बताए गए हैं।

#मुख्य सर्ग#वृक्ष#गुल्म
श्रीमद्भागवत

भागवत पुराण में परम सत्य किसे कहा गया है?

परम सत्य उस स्वयंप्रकाश परमात्मा को कहा गया है, जिससे जगत की सृष्टि, स्थिति और लय होते हैं।

#परम सत्य#परमात्मा#सृष्टि
ब्रह्मा काल

ब्रह्मा का दिन क्या होता है?

ब्रह्मा की प्राकृत सृष्टि का समय ही उनका दिन बताया गया है।

#ब्रह्मा#ब्रह्मा का दिन#कल्प
सृष्टि तत्त्व

राजस अहंकार क्या है?

राजस अहंकार महत्तत्त्व से उत्पन्न रजोगुण की अधिकता वाला अहंकार है।

#राजस अहंकार#रजोगुण#महत्तत्त्व
शिव तत्त्व

सृष्टि स्थिति और संहार क्या हैं?

सृष्टि उत्पत्ति, स्थिति पालन या स्थिरता, और संहार अंत से जुड़ा भाव है।

#सृष्टि#स्थिति#संहार
लोक

आदिनाद और कालचक्र की कथा क्या है?

आदिनाद ने मौन तोड़ा और विष्णु की प्रथम श्वास से कालचक्र चल पड़ा।

#आदिनाद#कालचक्र#सृष्टि
लोक

विष्णु की श्वास बाहर आने पर क्या होता है?

श्वास बाहर आने पर सृष्टि और कालचक्र की गति शुरू होती है।

#विष्णु श्वास#सृष्टि#कालचक्र
लोक

वैकुण्ठ की आधारशक्ति क्या है?

वैकुण्ठ की आधारशक्ति शाश्वत धाम की दिव्य ऊर्जा है।

#वैकुण्ठ#आधारशक्ति#सृष्टि
लोक

अहंकार तत्त्व क्या है?

अहंकार तत्त्व एकत्व से भेद और पहचान बनने की अवस्था है।

#अहंकार तत्त्व#सृष्टि#द्वैत
लोक

महत् तत्त्व क्या है?

महत् तत्त्व सृष्टि की प्रथम ब्रह्मांडीय बुद्धि है।

#महत् तत्त्व#सृष्टि#वैष्णव दर्शन
लोक

महाप्राण क्या है?

महाप्राण विष्णु की वह प्रथम श्वास है जिससे ब्रह्मांड में गति आई।

#महाप्राण#विष्णु श्वास#सृष्टि
लोक

एकोऽहं बहुस्याम का अर्थ क्या है?

इसका अर्थ है कि एक परम चेतना अनेक रूपों में प्रकट होना चाहती है।

#एकोऽहं बहुस्याम#सृष्टि#वेदांत
लोक

कारण जल क्या है?

कारण जल वह सूक्ष्म आधार है जिसमें सृष्टि बीज रूप में रहती है।

#कारण जल#महाप्रलय#सृष्टि
लोक

हिंदू धर्म में ध्वनि और सृष्टि का संबंध क्या है?

ध्वनि को सृष्टि का पहला कंपन और ब्रह्मांडीय गति का आधार माना गया है।

#हिंदू धर्म#ध्वनि#सृष्टि
लोक

नाद-ब्रह्म का अर्थ क्या है?

नाद-ब्रह्म का अर्थ है ध्वनि या कंपन को सृष्टि का मूल आधार मानना।

#नाद-ब्रह्म#ध्वनि#सृष्टि
लोक

आदिनाद क्या है?

आदिनाद सृष्टि से पहले प्रकट हुई प्रथम दिव्य ध्वनि है।

#आदिनाद#ध्वनि#सृष्टि
लोक

भगवान विष्णु की पहली श्वास क्या है?

विष्णु की पहली श्वास वह महाप्राण है जिससे समय और सृष्टि की गति शुरू हुई।

#विष्णु#प्रथम श्वास#सृष्टि
लोक

क्षीरसागर का रहस्य क्या है?

क्षीरसागर सृष्टि से पहले का दिव्य कारण-जल है, जहाँ विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं।

#क्षीरसागर#भगवान विष्णु#सृष्टि
लोक

कारणोदकशायी विष्णु का काम क्या है?

वे अनंत ब्रह्मांडों की उत्पत्ति और विलय का आधार हैं।

#कारणोदकशायी विष्णु#कार्य#सृष्टि
लोक

महाविष्णु श्वास बाहर छोड़ते हैं तो क्या होता है?

उनके प्रश्वास से अनंत ब्रह्मांड प्रकट होते हैं।

#प्रश्वास#महाविष्णु#सृष्टि
लोक

अनंत कोटि ब्रह्मांड क्या हैं?

अनंत कोटि ब्रह्मांड असंख्य ब्रह्मांडों की अवधारणा है।

#अनंत कोटि ब्रह्मांड#महाविष्णु#सृष्टि
लोक

कारणोदकशायी विष्णु कौन हैं?

कारणोदकशायी विष्णु कारण सागर में शयन करने वाले महाविष्णु हैं।

#कारणोदकशायी विष्णु#महाविष्णु#सृष्टि
लोक

कारण जल का सरल अर्थ क्या है?

कारण जल सृष्टि के मूल आधार को कहते हैं।

#कारण जल#सृष्टि#महाशून्य
लोक

कारणोदक सागर क्या होता है?

कारणोदक सागर सृष्टि का दिव्य कारण-जल है।

#कारणोदक सागर#महाविष्णु#सृष्टि
लोक

महाविष्णु की ब्रह्मांडीय श्वास क्या है?

महाविष्णु की श्वास से ब्रह्मांडों की उत्पत्ति और विलय होता है।

#महाविष्णु#ब्रह्मांडीय श्वास#सृष्टि
लोक

नाभि-कमल का सरल अर्थ क्या है?

यह विष्णु की नाभि से निकला सृष्टि-आरंभ का कमल है।

#नाभि-कमल#सरल अर्थ#सृष्टि
लोक

योगनिद्रा से जागरण का मतलब क्या है?

यह सृष्टि के नए चक्र की शुरुआत का संकेत है।

#योगनिद्रा#जागरण#सृष्टि
लोक

नाभि-कमल क्या होता है?

नाभि-कमल विष्णु की नाभि से निकला सृष्टि-आधार कमल है।

#नाभि-कमल#ब्रह्मा#सृष्टि
लोक

कल्प क्या होता है?

कल्प ४.३२ अरब वर्षों का ब्रह्मांडीय काल-चक्र है।

#कल्प#कालचक्र#सृष्टि
लोक

धाता यथा पूर्वमकल्पयत् का अर्थ क्या है?

अर्थ है कि सृष्टि फिर पूर्ववत् रची जाती है।

#धाता#सृष्टि#कल्प
लोक

सृष्टि का ब्लूप्रिंट क्या है?

यह सृष्टि के अगले प्रकट होने की सुरक्षित बीज-योजना है।

#सृष्टि#ब्लूप्रिंट#प्रलय
लोक

विष्णु की श्वास बाहर आए तो क्या होता है?

सृष्टि और कालचक्र आरंभ होते हैं।

#विष्णु श्वास#सृष्टि#कालचक्र
लोक

क्षीरसागर और वैकुण्ठ का संबंध क्या है?

क्षीरसागर कारण क्षेत्र, वैकुण्ठ शाश्वत धाम।

#क्षीरसागर#वैकुण्ठ#सृष्टि
लोक

क्रिया शक्ति क्या है?

सृष्टि को गति देने वाली शक्ति।

#क्रिया शक्ति#सृष्टि#गति
लोक

ज्ञान शक्ति क्या है?

सृष्टि के ज्ञान और नियम की शक्ति।

#ज्ञान शक्ति#सृष्टि#महत् तत्त्व
लोक

इच्छा शक्ति क्या है?

भगवान की सृजन-संकल्प शक्ति।

#इच्छा शक्ति#सृष्टि#विष्णु
लोक

अहंकार तत्त्व क्या है?

अलग अस्तित्व का सूक्ष्म कारण।

#अहंकार तत्त्व#सृष्टि#द्वैत
लोक

महत् तत्त्व क्या है?

सृष्टि की ब्रह्मांडीय बुद्धि।

#महत् तत्त्व#सृष्टि#कॉस्मिक इंटेलिजेंस
लोक

एकपाद विभूति क्या है?

सृष्टि-प्रलय वाला भौतिक ब्रह्मांड।

#एकपाद विभूति#भौतिक ब्रह्मांड#सृष्टि
लोक

वैकुण्ठ की आधारशिला का अर्थ क्या है?

वैकुण्ठ ऊर्जा का सृष्टि से जुड़ना।

#वैकुण्ठ आधारशिला#आधार शक्ति#सृष्टि
लोक

आदिनाद क्या है?

सृष्टि की प्रथम अव्यक्त ध्वनि।

#आदिनाद#ध्वनि#सृष्टि
शब्द ब्रह्म और मंत्र शक्ति

शब्द ब्रह्म का सिद्धांत क्या है?

तंत्र शास्त्र के अनुसार सृष्टि एक आदि-नाद (शब्द ब्रह्म) से उत्पन्न हुई — प्रत्येक देवी का मंत्र उनका ध्वनि-स्वरूप है और मंत्र जपने से उनकी चेतना की आवृत्ति का आवाहन होता है।

#शब्द ब्रह्म#आदि नाद#तंत्र शास्त्र
प्राण प्रतिष्ठा परिचय

प्राण प्रतिष्ठा का दार्शनिक आधार क्या है?

प्राण प्रतिष्ठा का दार्शनिक आधार: सृष्टि का मूल शब्द (नाद-ब्रह्म) है — इसलिए मंत्र (शब्द) के द्वारा ही परमात्मा का किसी रूप में आवाहन और प्रतिष्ठापन संभव है।

#दार्शनिक आधार#नाद ब्रह्म#शब्द ब्रह्म
वेद ज्ञान

वेदों में तपस्या का महत्व क्या है?

वेदों में तपस्या को सृष्टि का आदि-कारण माना गया है (ऋग्वेद 10/129)। अथर्ववेद (11/5/1) में ब्रह्मचर्य-तप से देवताओं ने मृत्यु पर विजय पाई। तैत्तिरीय उपनिषद (3/1) — 'तपो ब्रह्म' — तप ही ब्रह्म है।

#तपस्या#वेद#तप
और क्या है
अन्य शब्दों के क्या है

सनातन धर्म के सभी प्रमुख शब्दों के क्या है।

सृष्टि टैग
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