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विस्तृत उत्तर
विष्णु की श्वास बाहर आने पर सृष्टि का विस्तार आरंभ होता है। कारण-जल में प्राण शक्ति फैलती है और जड़ता टूटती है। कालचक्र चल पड़ता है, जिससे समय, आयु और परिवर्तन की व्यवस्था बनती है। फिर अव्यक्त तत्व सक्रिय होकर दिशा, प्रकाश, पंचभूत और जीवन के रूप में प्रकट होते हैं।
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