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विस्तृत उत्तर
आदिनाद और कालचक्र की कथा सृष्टि की प्रथम ध्वनि और समय के आरंभ से जुड़ी है। पहले महाप्रलय का मौन था, जहाँ समय, दिशा और गति निष्क्रिय थे। भगवान विष्णु के सृजन-संकल्प से आदिनाद प्रकट हुआ और उसने कारण-जल में कंपन जगाया। फिर विष्णु की प्रथम श्वास से कालचक्र चल पड़ा और सृष्टि में समय, परिवर्तन और गति का जन्म हुआ।
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