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विस्तृत उत्तर
आदिनाद वह प्रथम दिव्य ध्वनि है जो सृष्टि से पहले के पूर्ण मौन में प्रकट हुई। यह सामान्य कानों से सुनी जाने वाली ध्वनि नहीं थी, क्योंकि उस समय स्थूल कान, वायु और भौतिक जगत बने ही नहीं थे। इसे परा-वाक् और अनहद नाद कहा गया है, यानी वह ध्वनि जो शब्दों से पहले चेतना में जन्म लेती है। इसी आदिनाद ने कारण-जल में कंपन उत्पन्न किया और सृष्टि के आरंभ का मार्ग खोला।
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