चार पुरुषार्थ: धर्म (कर्तव्य/नैतिकता — आधार), अर्थ (धर्मपूर्वक धन — साधन), काम (धर्मयुक्त इच्छापूर्ति — सुख), मोक्ष (जन्म-मृत्यु से मुक्ति — परम लक्ष्य)। मनुस्मृति — धर्म के 10 लक्षण। कौटिल्य — 'अर्थ का मूल धर्म'। चारों में संतुलन = सार्थक जीवन।
स्रोत प्रश्न: धर्म अर्थ काम मोक्ष चार पुरुषार्थ क्या हैं →