विस्तृत उत्तर
भागवत सप्ताह के फल बहुत स्पष्ट रूप से बताए गए हैं। ठीक विधि से सप्ताह करने पर यह विधान सब पापों की निवृत्ति करने वाला कहा गया है। मंगलमय श्रीमद्भागवत पुराण तत्काल फल देने वाला है। यह धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों की प्राप्ति का साधन है, इसमें संदेह नहीं कहा गया है। आगे सनकादि कहते हैं कि श्रीमद्भागवत से भोग और मोक्ष दोनों हाथ में आ जाते हैं। सूतजी भी कहते हैं कि यह सर्वपापहरिणी, परम पवित्र और भोग-मोक्ष देने वाली कथा है। इसलिए सप्ताह का फल केवल एक कामना की पूर्ति तक सीमित नहीं; पापक्षय, लौकिक कल्याण, धर्मपूर्ण जीवन, भक्ति और मोक्ष तक फैला हुआ है।
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