मंत्र जप में भूत शुद्धि का क्या अर्थ है?
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पंचभूत (पृथ्वी/जल/अग्नि/वायु/आकाश) शुद्धि। बीज: लं/वं/रं/यं/हं — 5 चक्रों पर। भौतिक→दिव्य शरीर। 'मैं आत्मा हूं' भावना। तांत्रिक में अनिवार्य।
स्रोत प्रश्न: मंत्र जप में भूत शुद्धि का क्या अर्थ है? →सनातन धर्म के सभी प्रमुख शब्दों के अर्थ।
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