गंगाजल का महत्व: सर्वोच्च शुद्धिकारक। विष्णु पुराण: 'गंगाजलं सर्वपापहरम्।' पूजा में: आचमन, अभिषेक, मूर्ति स्नान। वैज्ञानिक: बैक्टीरियोफेज से वर्षों शुद्ध रहता है। घर में ताँबे के बर्तन में रखें। एक बूँद भी पूजा जल को पवित्र करती है।
स्रोत प्रश्न: पूजा में गंगाजल का महत्व क्या है? →सनातन धर्म के सभी प्रमुख शब्दों के महत्व।
सभी शुद्धि सम्बन्धित प्रश्नोत्तर एक स्थान पर।