की चेकलिस्ट
वैराग्य: योगसूत्र 1.15 — विषयों से तृष्णा अभाव (घृणा नहीं)। अनासक्ति+विवेक-जन्य+स्वतःस्फूर्त। वैराग्य≠संसार-त्याग/घृणा/दमन/अवसाद। गीता 2.59: 'परम दर्शन से रस भी छूटे=सच्चा।' चरण: यतमान→व्यतिरेक→एकेन्द्रिय→वशीकार→परवैराग्य। अभ्यास+वैराग्य=मन नियंत्रण।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।