ॐ नमः शिवाय | जय श्री राम | हरे कृष्ण
चेकलिस्ट: अंत्येष्टि संस्कार कैसे करें?चेकलिस्टअंत्येष्टि संस्कार कैसे करें?
की चेकलिस्ट
अंत्येष्टि = अंतिम यज्ञ (नरयाग)। विधि: शव स्नान → नया वस्त्र → तुलसी-गंगाजल → अर्थी → शवयात्रा → चिता स्थापन → छिद्र-घट परिक्रमा → मुखाग्नि → अस्थि संचय → गंगा विसर्जन → 10वीं शुद्धि → 13वीं श्राद्ध। पंचतत्वों में शरीर विलीन।
- 1मृत्यु होने पर शव को भूमि पर लिटाएँ (दक्षिण दिशा में सिर)।
- 2शव को स्नान कराएँ — गंगाजल, पंचामृत से।
- 3नया शुभ्र वस्त्र पहनाएँ (नग्न शव का दाह निषिद्ध है)।
- 4माथे पर चन्दन तिलक, मुख में तुलसी पत्र और गंगाजल।
- 5शव को बांस की अर्थी (ठठरी) पर रखें।
- 6प्रथम पिण्डदान घर में ही दें।
- 7'राम नाम सत्य है' या 'ॐ नमः शिवाय' का उच्चारण करते हुए श्मशान ले जाएँ।
8निकट सम्बन्धियों को कंधा देना चाहिए।9मार्ग में शव को भूमि पर न रखें (विश्राम स्थल छोड़कर)।10चिता वेदी बनाएँ — पवित्र जल छिड़कें, गोबर से लीपें।11शव को चिता पर उत्तर दिशा में सिर करके रखें।12चार दिशाओं में चार बड़ी लकड़ियाँ (समिधा) स्थापित करें।13दाह करने वाला व्यक्ति (ज्येष्ठ पुत्र या निकटतम) छेद वाले घड़े में जल लेकर चिता की तीन परिक्रमा करे।14परिक्रमा के बाद घड़ा पीछे की ओर गिराकर फोड़ दें।15मुखाग्नि दें — मुख की ओर से अग्नि प्रज्वलित करें।16घी, कपूर आदि से अग्नि को प्रदीप्त करें।17अस्थि संचय — तीसरे या चौथे दिन।18अस्थि विसर्जन — गंगा या अन्य पवित्र नदी में।1910वें दिन शुद्धि कर्म, 13वें दिन मरणोत्तर संस्कार (तेरहवीं)।