11-21वें दिन। गणेश पूजा → नक्षत्र/राशि अनुसार नाम → पिता दाहिने कान में 3 बार बोले → मधु-घी → आशीर्वाद। सरलतम: दीपक + गणेश स्मरण + कान में नाम + मिठाई।
1शुभ मुहूर्त — पंडित से मुहूर्त लें। या शुभ दिन (सोमवार/बुधवार/गुरुवार/शुक्रवार)।
2स्नान/शुद्धि — माता-शिशु स्नान।
3गणेश पूजा — 'ॐ गं गणपतये नमः' — शुभारंभ।
4नाम चयन:
5नाम घोषणा — पिता/बड़ा सदस्य शिशु के दाहिने कान में नाम बोले — 3 बार।
6मधु-घी — शहद+घी शिशु की जीभ पर (सोने की शलाका से — गृह्यसूत्र)।