की चेकलिस्ट
सरलतम उपाय: (1) नाम जप — 'कलियुग केवल नाम अधारा' (2) शरणागति — गीता 18.66 'सब छोड़कर मेरी शरण आओ' (3) अनन्य भक्ति — गीता 9.22 (4) सत्संग (5) सेवा (6) निष्काम कर्म। न विद्या चाहिए, न धन — केवल सच्चा भाव और प्रेम।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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