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चेकलिस्ट

देवशयनी और देवउठनी एकादशी में क्या अंतर है

की चेकलिस्ट

देवशयनी (आषाढ़ शुक्ल एकादशी) = विष्णु का शयन, चातुर्मास आरम्भ, शुभ कार्य बन्द। देवउठनी (कार्तिक शुक्ल एकादशी) = विष्णु का जागरण, चातुर्मास समाप्त, शुभ कार्य + विवाह आरम्भ, तुलसी विवाह। ~4 मास अन्तराल। पद्मपुराण: देवउठनी = 1000 अश्वमेध फल।

  1. 1तिथि: आषाढ़ शुक्ल एकादशी (जून-जुलाई)।
  2. 2अर्थ: इस दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में चार मास की योगनिद्रा में चले जाते हैं।
  3. 3इसी दिन से चातुर्मास आरम्भ होता है।
  4. 4मांगलिक कार्य (विवाह, गृहप्रवेश, मुण्डन आदि) बन्द हो जाते हैं।
  5. 5भक्ति, तप, संयम, जप का काल आरम्भ।
  6. 6तिथि: कार्तिक शुक्ल एकादशी (अक्टूबर-नवम्बर)।
  7. 7अर्थ: इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं।
  8. 8चातुर्मास समाप्त होता है।
  9. 9मांगलिक कार्य पुनः आरम्भ — विवाह का मौसम शुरू।
  10. 10तुलसी विवाह इसी दिन किया जाता है।
  11. 11पद्मपुराण: इस व्रत से 1000 अश्वमेध और 100 राजसूय यज्ञ का फल।
  12. 12देवशयनी = विष्णु का शयन, चातुर्मास आरम्भ, शुभ कार्य बन्द।
  13. 13देवउठनी = विष्णु का जागरण, चातुर्मास समाप्त, शुभ कार्य आरम्भ।
  14. 14दोनों के बीच ~4 मास का अन्तराल।
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