सुहाग सामग्री: सिंदूर, कुमकुम, मेहंदी, काजल, बिंदी, चूड़ी, कंघी, शीशा, चुनरी, इत्र, पान। नियम: नई, अखंडित, लाल थाली में, स्नान कर अर्पित। प्रसाद सिंदूर स्वयं लगाएं। शुक्रवार/नवरात्रि विशेष। उद्देश्य: पति दीर्घायु, दांपत्य सुख।
- 1सिंदूर 2. कुमकुम/रोली 3. मेहंदी 4. काजल 5. बिंदी 6. लाल/हरी चूड़ियां 7. कंघी 8. शीशा (दर्पण) 9. लाल चुनरी 10. इत्र 11. पान-सुपारी 12. फल (नारियल/केला) 13. मिठाई 14. हल्दी
- 2सुहाग सामग्री नई और अखंडित होनी चाहिए।
- 3सामग्री एक लाल कपड़े या थाली में सजाकर रखें।
- 4विवाहित महिला स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण कर अर्पित करे।
- 5देवी को अर्पित करने के बाद प्रसाद रूप में सिंदूर/कुमकुम स्वयं लगाएं।
- 6शुक्रवार, मंगलवार, नवरात्रि, कजरी तीज पर विशेष।
- 7अविवाहित कन्याएं भी देवी को सुहाग सामग्री चढ़ा सकती हैं — अच्छे वर की कामना से।
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