की चेकलिस्ट
पंचमकार का आध्यात्मिक अर्थ: मद्य = सहस्रार का सोम रस। मांस = जिह्वा/अहंकार संयम। मत्स्य = इड़ा-पिंगला प्राणायाम। मुद्रा = योग आसन/हस्त मुद्रा। मैथुन = कुण्डलिनी-शिव मिलन (आंतरिक योग)। गोरखनाथ: शरीर में ही शिव-शक्ति मिलन = बाह्य आवश्यकता नहीं। यथार्थ प्रयोग = केवल गुरु दीक्षा से।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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