ध्यान के दौरान क्या सोचना चाहिए?
की चेकलिस्ट
ध्यान में 'सोचना' नहीं — एकाग्र होना है। पतञ्जलि: एक विषय पर अखंड प्रवाह = ध्यान। करें: इष्ट-मूर्ति, मंत्र-ध्वनि, श्वास-दर्शन, प्रकाश-ध्यान। न करें: योजना, चिंता, कल्पना। गीता (6.25): 'किसी का भी चिंतन न करें।'
- 1इष्ट-मूर्ति का स्मरण करें — रूप, रंग, आभूषण, मुस्कान का
- 2ॐ या मंत्र की ध्वनि को मन में सुनें
- 3श्वास को देखें — न रोकें, न बदलें, केवल देखें
- 4प्रकाश (हृदय में श्वेत/स्वर्णिम प्रकाश) का ध्यान करें
- 5योजना, चिंता, कल्पना न करें
- 6भूत या भविष्य के विचार न चलाएँ
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