की चेकलिस्ट
'अहं ब्रह्मास्मि' = अनुभव। सर्वत्र ईश्वर (सब=एक=मैं)। अनंत प्रेम, शांति, आनंद अश्रु, शब्दहीन। 'तत् त्वम् असि' (छांदोग्य)। 'सर्वं खल्विदं ब्रह्म।' दुर्लभ → स्थिर=जीवनमुक्ति।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।