की चेकलिस्ट
केवली कुंभक (पतंजलि 2.51) = सर्वोच्च प्राणायाम। मन शून्य→श्वास↓, सुषुम्ना सक्रिय, समाधि निकट। वास्तव में रुकती नहीं (सूक्ष्म)। जबरदस्ती≠केवली (खतरनाक)। शुभ!
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