दुकान में बिक्री बढ़ाने के लिए वास्तु उपाय क्या हैं
की चेकलिस्ट
दुकान वास्तु: द्वार पूर्व/उत्तर में, बैठक नैऋत्य में (मुख उत्तर), गल्ला उत्तर की ओर खुले, स्वस्तिक-गणेश लगाएं, ईशान में जल, गल्ले पास श्री यंत्र। प्रथम ग्राहक मना न करें। व्यापार सफलता में वास्तु सहायक है, एकमात्र कारक नहीं।
- 1मुख्य द्वार — पूर्व या उत्तर दिशा में सर्वोत्तम। द्वार चौड़ा, स्वच्छ और अच्छी रोशनी वाला हो। द्वार के सामने कोई बाधा (खंभा, पेड़) न हो।
- 2दुकानदार की बैठक — दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) कोण या दक्षिण दिशा में बैठें। मुख उत्तर या पूर्व की ओर हो।
- 3कैश काउंटर/गल्ला — दक्षिण-पूर्व या उत्तर दिशा में। गल्ले का मुख उत्तर (कुबेर) की ओर खुले।
- 4भारी सामान/स्टॉक — दक्षिण या पश्चिम दीवार की ओर।
- 5ग्राहक प्रवेश — ग्राहक उत्तर-पूर्व या पूर्व से प्रवेश करें।
- 6शुभ चिह्न:
- 7जल तत्व — उत्तर-पूर्व में छोटा जल फाउंटेन या एक्वेरियम (मछलीघर) ग्राहक आकर्षण बढ़ाता है — ऐसी मान्यता है।
- 8रंग — दुकान में हल्के और आकर्षक रंग (क्रीम, हल्का पीला, हल्का हरा) शुभ माने जाते हैं।
- 9दर्पण — उत्तर दीवार पर दर्पण लगाना व्यापार दोगुना करने का प्रतीक माना जाता है।
- 10प्रतिदिन के नियम:
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वास्तु शास्त्र
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