9वाँ अध्याय = निशुम्भ वध (उत्तम चरित्र)। शत्रुनाश, विघ्न निवारण, अजेयता हेतु विशेष। निशुम्भ = अज्ञान/अहंकार — देवी द्वारा नाश = ज्ञान विजय। षडंग पाठ (6 अध्याय): 1,2,4,9,11,13 — यदि पूर्ण न कर सकें। सम्पूर्ण पाठ सर्वोत्तम।
- 1यह 'उत्तम चरित्र' (अध्याय 5-13) का प्रमुख भाग है — सरस्वती शक्ति से सम्बन्धित।
- 2नौवें अध्याय में देवी के विभिन्न अस्त्र-शस्त्र और शक्ति का विस्तृत वर्णन।
- 3शत्रुनाश, विघ्न निवारण, और अजेयता की प्राप्ति हेतु इस अध्याय का विशेष पाठ किया जाता है।
- 4जो साधक विशेष रूप से शत्रुनाश, कोर्ट केस, या विरोधियों से मुक्ति चाहते हैं, उन्हें नौवें अध्याय का विशेष पाठ करने का विधान कुछ परम्पराओं में है।
- 5सम्पूर्ण सप्तशती पाठ न कर सकें तो कम से कम 1, 2, 4, 9, 11, 13 अध्याय पढ़ने का 'षडंग' विधान है।