ॐ नमः शिवाय | जय श्री राम | हरे कृष्ण
चेकलिस्ट: फैक्ट्री में वास्तु दोष निवारण कैसे करेंचेकलिस्टफैक्ट्री में वास्तु दोष निवारण कैसे करें
की चेकलिस्ट
फैक्ट्री वास्तु: द्वार पूर्व/उत्तर, मालिक नैऋत्य में, भारी मशीनें दक्षिण-पश्चिम में, तैयार माल वायव्य (शीघ्र बिक्री), अग्नि स्रोत आग्नेय, जल ईशान में। बिना तोड़-फोड़: स्वस्तिक, यंत्र, हवन, ईशान में जल, सफाई-व्यवस्था बनाएं।
- 1मुख्य द्वार — पूर्व या उत्तर में। माल की आवाजाही पश्चिम या दक्षिण से।
- 2मालिक/प्रबंधक का कक्ष — नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) में, मुख उत्तर/पूर्व।
- 3भारी मशीनें — दक्षिण, पश्चिम या नैऋत्य में। ईशान में भारी मशीन वर्जित।
- 4कच्चा माल (Raw Material) — दक्षिण-पश्चिम या दक्षिण में।
- 5तैयार माल (Finished Goods) — उत्तर-पश्चिम (वायव्य) में — यह दिशा वायु/गति से जुड़ी है, माल की बिक्री/निकासी शीघ्र होती है।
- 6बॉयलर/अग्नि स्रोत — आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) में।
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जल स्रोत/बोरवेल — ईशान (उत्तर-पूर्व) में।
8ईशान कोण — खुला, स्वच्छ, हल्का।9मुख्य द्वार पर स्वस्तिक, ॐ, गणेश-लक्ष्मी।10ईशान कोण में जल कलश/फाउंटेन।11नैऋत्य में भारी सामान/मशीन रखें।12कार्यालय में कुबेर यंत्र (उत्तर) और श्री यंत्र (पूजा स्थल)।13वास्तु शांति हवन नियमित अंतराल पर कराएं।14कारखाने में सफाई, व्यवस्था और प्रकाश पर्याप्त रखें।15टूटी मशीनें, अनुपयोगी सामान हटाएं।16कैंटीन आग्नेय कोण में।