की चेकलिस्ट
गणेश आरती पंचमुखी घी के दीप से, दक्षिणावर्त 7 बार घुमाते हुए, शंख-घंटे के साथ करें। 'जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा' या 'सुखकर्ता दुखहर्ता' आरती गाएं। अंत में दीप की लौ आँखों से लगाएं और मोदक/लड्डू का प्रसाद वितरित करें।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।