की चेकलिस्ट
नित्य साधना के लिए 108 बार (1 माला) पर्याप्त है। बुधवार और चतुर्थी को 1008 बार विशेष फलदायी है। मंत्र सिद्धि के लिए सवा लाख जप का पुरश्चरण करें। पुरश्चरण के बाद दशांश हवन 'ॐ गं गणपतये नमः स्वाहा' से करें।
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