ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
चेकलिस्ट

गणेश पूजा में दूर्वा कैसे तोड़ें और कब तोड़ें

की चेकलिस्ट

गणेश दूर्वा: 3/5 पत्तियों वाली, हरी-ताज़ी, गाँठ सहित। 21 संख्या उत्तम। प्रातः तोड़ें, रविवार वर्जित (कुछ में)। जड़ न उखाड़ें, सूखी/पीली वर्जित। धोकर, 'ॐ गं...' बोलकर मस्तक पर। कथा: अनलासुर ताप शमन हेतु 21 दूर्वा → शीतलता।

  1. 13 या 5 पत्तियों वाली दूर्वा (गाँठ सहित) तोड़ें — विषम संख्या।
  2. 221 दूर्वा = गणेश पूजा हेतु उत्तम संख्या। 5, 7, 11 भी शुभ।
  3. 3जड़ सहित न उखाड़ें — केवल ऊपरी भाग तोड़ें।
  4. 4सूखी/पीली दूर्वा न चढ़ाएँ — हरी और ताज़ी।
  5. 5दूर्वा के साथ फूल न हो (बीज वाली दूर्वा कुछ परम्पराओं में वर्जित)।
  6. 6प्रातःकाल (सूर्योदय के बाद) तोड़ना सर्वोत्तम।
  7. 7चतुर्थी तिथि पर गणेश पूजा विशेष — उसी दिन ताज़ी दूर्वा।
  8. 8रविवार को दूर्वा न तोड़ें (कुछ परम्पराओं में)।
  9. 9पूजा से कुछ समय पहले तोड़ें — ताज़ी रहे।
  10. 10दूर्वा को जल से धोकर शुद्ध करें।
  11. 11गणेश जी के मस्तक/चरणों पर अर्पित।
  12. 12'ॐ गं गणपतये नमः' या 'दूर्वांकुरैर्यथा गणेशो दूर्वा प्रियः...' मंत्र।
  13. 1321 दूर्वा की माला बनाकर भी चढ़ा सकते हैं (गणेश चतुर्थी पर)।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
गणेश उपासना

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।