गणेश पूजा में पंचामृत स्नान, सिंदूर, 21 दूर्वा, लाल पुष्प, जनेऊ अर्पण, 21 मोदक का भोग, 'ॐ गं गणपतये नमः' का 108 बार जप और आरती करें। पूजा में तुलसी वर्जित है। बुधवार और चतुर्थी तिथि सर्वश्रेष्ठ है।
- 1बुधवार — गणेश जी का विशेष दिन
- 2चतुर्थी तिथि — गणेश जी की विशेष तिथि (मास में दो बार)
- 3शुक्ल पक्ष चतुर्थी — विनायकी चतुर्थी
- 4कृष्ण पक्ष चतुर्थी — संकष्टी चतुर्थी
- 5भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी — गणेश चतुर्थी (महापर्व)
- 6गणेश प्रतिमा (मिट्टी, पाषाण या धातु)
- 7दूर्वा (दूब घास) — 21 दूर्वा (सर्वाधिक प्रिय)
- 8लाल पुष्प — गुड़हल, गुलाब
- 9मोदक या लड्डू (21)
- 10पीत चंदन
- 11सिंदूर
- 12लाल वस्त्र
- 13पंचामृत
- 14जनेऊ
- 15धूप, घी का दीप
- 16नारियल
- 17केला
- 18पान, सुपारी
- 19गणेश पूजा में तुलसी वर्जित है (पौराणिक कथा के अनुसार तुलसी और गणेश जी में शाप की कथा है)
- 20गणेश जी को केतकी का फूल भी न चढ़ाएं
- 21चतुर्थी के दिन चंद्रमा के दर्शन वर्जित हैं