चेकलिस्ट: गीता का कौन सा अध्याय पढ़ने से कौन सा फल?
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गीता का कौन सा अध्याय पढ़ने से कौन सा फल?
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गीता महात्म्य (पद्म/वराह पुराण): प्रत्येक अध्याय का विशेष फल। 12वाँ (भक्ति) और 15वाँ (पुरुषोत्तम) विशेष महत्वपूर्ण। 18वाँ अध्याय = मोक्ष/शरणागति। सम्पूर्ण पाठ सर्वोत्तम। 'गीता सुगीता कर्तव्या' — गीता ही पर्याप्त।
1अर्जुन विषाद योग — संसार बंधन से मुक्ति, विवेक जागरण।
2सांख्य योग — आत्मज्ञान, मृत्यु भय से मुक्ति।
3कर्म योग — कर्म बंधन से मुक्ति, निष्काम कर्म की सिद्धि।
4ज्ञान कर्म संन्यास योग — ज्ञान प्राप्ति, सभी पापों का नाश।
5कर्म संन्यास योग — संन्यास का सही ज्ञान, मन की शांति।
6ध्यान योग — ध्यान सिद्धि, मानसिक शांति, आत्म संयम।