का सरल उत्तर
गीता महात्म्य (पद्म/वराह पुराण): प्रत्येक अध्याय का विशेष फल। 12वाँ (भक्ति) और 15वाँ (पुरुषोत्तम) विशेष महत्वपूर्ण। 18वाँ अध्याय = मोक्ष/शरणागति। सम्पूर्ण पाठ सर्वोत्तम। 'गीता सुगीता कर्तव्या' — गीता ही पर्याप्त।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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