की चेकलिस्ट
एक पंक्ति: 'निष्काम भाव से कर्तव्य करो, फल ईश्वर पर छोड़ो, आत्मा अविनाशी जानो।' कर्मयोग (2.47) + भक्ति (18.66) + ज्ञान (2.20) = गीता का सम्पूर्ण सार।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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