ग्रहण के समय मंत्र जप का क्या विशेष प्रभाव होता है
की चेकलिस्ट
ग्रहण जप = लाख गुना फल (शास्त्रीय मान्यता)। गायत्री, महामृत्युंजय, इष्ट मंत्र। सूर्य ग्रहण: 'ॐ घृणि सूर्याय नमः'। चन्द्र: 'ॐ सोमाय नमः'। स्पर्श से मोक्ष तक निरन्तर। कुश आसन + पवित्री। मोक्ष बाद स्नान + दान।
- 1गायत्री मंत्र — सर्वश्रेष्ठ (सूर्य + चन्द्र दोनों ग्रहण में)।
- 2महामृत्युंजय मंत्र — रक्षा और आरोग्य।
- 3इष्टदेवता मंत्र — अपने इष्ट का बीज मंत्र।
- 4सूर्य ग्रहण: 'ॐ घृणि सूर्याय नमः'।
- 5चन्द्र ग्रहण: 'ॐ सोमाय नमः' या 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः'।
- 6राहु/केतु मंत्र — ग्रहण राहु-केतु से होता है, अतः इनके मंत्र भी प्रभावी।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
ग्रहण
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।