का सरल उत्तर
ग्रहण जप = लाख गुना फल (शास्त्रीय मान्यता)। गायत्री, महामृत्युंजय, इष्ट मंत्र। सूर्य ग्रहण: 'ॐ घृणि सूर्याय नमः'। चन्द्र: 'ॐ सोमाय नमः'। स्पर्श से मोक्ष तक निरन्तर। कुश आसन + पवित्री। मोक्ष बाद स्नान + दान।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।