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चेकलिस्ट

गृह प्रवेश में वास्तु पूजा कैसे करें विधि सहित

की चेकलिस्ट

गृह प्रवेश विधि: शुभ मुहूर्त में गंगाजल से शुद्धि → गणपति पूजन → वास्तु पुरुष पूजन → नवग्रह पूजन → दिक्पाल पूजन → वास्तु शांति हवन → पूर्णाहुति → दाहिने पैर से प्रवेश → रसोई में दूध उबालना।

  1. 1अपूर्व — नवनिर्मित घर में प्रथम प्रवेश।
  2. 2सपूर्व — पुराने घर में पुनः प्रवेश (यात्रा/मरम्मत के बाद)।
  3. 3द्विरागमन — अग्नि/बाढ़ आदि आपदा के बाद पुनः प्रवेश।
  4. 4शुभ मुहूर्त — ज्योतिषी से शुभ तिथि, नक्षत्र और लग्न निश्चित कराएं। सामान्यतः उत्तरायण काल, शुक्ल पक्ष, रोहिणी/उत्तरा फाल्गुनी/उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र शुभ माने जाते हैं।
  5. 5घर की शुद्धि — प्रवेश से पूर्व संपूर्ण घर की सफाई करें। गंगाजल का छिड़काव करें। गोमूत्र या गोबर से शुद्धि (यदि संभव हो)।
  6. 6वास्तु पुरुष पूजन — वास्तु पुरुष मंडल की स्थापना कर पूजन करें। 'ॐ वास्तोष्पते प्रतिजानीह्यस्मान्...' मंत्र का पाठ करें।
  7. 7गणपति पूजन — सर्वप्रथम गणेश जी की पूजा करें।
  8. 8नवग्रह पूजन — नवग्रहों की स्थापना और पूजन करें।
  9. 9दिक्पाल पूजन — आठ दिशाओं के दिक्पालों (इंद्र, अग्नि, यम, निऋति, वरुण, वायु, कुबेर, ईशान) की पूजा।
  10. 10वास्तु हवन — वास्तु शांति मंत्रों से हवन करें। घी, समिधा, तिल, जौ से आहुतियां दें।
  11. 11कलश स्थापना — मंगल कलश की स्थापना करें।
  12. 12पूर्णाहुति — हवन के अंत में पूर्णाहुति दें।
  13. 13गृह प्रवेश — शुभ मुहूर्त में गृहस्वामी सपरिवार प्रवेश करें। सबसे पहले दाहिना पैर अंदर रखें।
  14. 14दूध उबालना — रसोई में दूध उबालें और उसे उफनने दें — यह समृद्धि का प्रतीक है।
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वास्तु शास्त्र

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