दूध उबालना: दूध=समृद्धि/पवित्रता, उफनना=प्रचुरता ('सुख बाहर बहे'), रसोई शुद्धि (अन्नपूर्णा आह्वान), खीर=प्रथम प्रसाद। उफनने दें (शुभ), रोकें नहीं। नई रसोई का प्रथम कार्य।
- 1दूध = समृद्धि: दूध = श्वेत = शुद्ध, पवित्र, पोषक। नये घर में पहला कार्य = दूध उबालना = 'इस घर में पोषण और समृद्धि कभी कम न हो।'
- 2उफनना = प्रचुरता: दूध उफनकर बाहर आना = प्रचुरता, बहुतायत। 'इस घर में सुख-समृद्धि बाहर तक बहे' = अत्यंत शुभ।
- 3अग्नि = रसोई शुद्धि: नये चूल्हे/गैस पर पहली बार अग्नि = रसोई देवता (अन्नपूर्णा) का आह्वान। दूध = सबसे पवित्र पदार्थ = रसोई की प्रथम सामग्री।
- 4खीर प्रसाद: उबले दूध से खीर (चावल+दूध+चीनी) बनाएँ = गृह प्रवेश प्रसाद। परिवार और पड़ोसियों को बाँटें।