5 दैनिक: ब्रह्म(गीता पढ़ो), देव(दीपक+प्रार्थना), पितर(माता-पिता सेवा), मनुष्य(अतिथि/गरीब भोजन), भूत(जानवरों रोटी/दाना)। 30 min=5 ऋण चुकते।
- 1ब्रह्म यज्ञ (ऋषि ऋण): वेद/गीता/शास्त्र पढ़ना/पढ़ाना। आधुनिक: 10 मिनट गीता/धर्मग्रंथ पढ़ें।
- 2देव यज्ञ (देव ऋण): हवन/अग्निहोत्र। आधुनिक: दीपक + अगरबत्ती + प्रार्थना।
- 3पितृ यज्ञ (पितर ऋण): तर्पण/श्राद्ध। आधुनिक: माता-पिता/बुजुर्गों की सेवा।
- 4मनुष्य यज्ञ (मनुष्य ऋण): अतिथि सत्कार। आधुनिक: मेहमान सम्मान, गरीबों को भोजन।
- 5भूत यज्ञ (प्राणी ऋण): पशु-पक्षी सेवा। आधुनिक: कौवा/गाय/कुत्ते को रोटी, पक्षियों को दाना-पानी।