की चेकलिस्ट
जीवनमुक्त = जीवित रहते हुए ब्रह्म-ज्ञान प्राप्त, शरीर में रहकर भी आसक्तिरहित (जैसे जनक)। विदेहमुक्त = शरीर छूटने पर ब्रह्म में विलय, पुनर्जन्म नहीं। जीवनमुक्त → मृत्यु पर → विदेहमुक्त। यह मुख्यतः अद्वैत वेदांत का सिद्धांत है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।