काली साधना के नियम क्या हैं?
की चेकलिस्ट
काली साधना के नियम: गुरु दीक्षा लें, भय रहित मन से साधना करें, स्नान करें, ब्रह्मचर्य पालें, गोपनीयता रखें, साधना बीच में न छोड़ें और माँ का भाव रखें। उच्च तांत्रिक साधना बिना सिद्ध गुरु के न करें।
- 1स्नान: साधना से पूर्व स्नान अनिवार्य है — विशेषकर रात्रि साधना से पूर्व
- 2ब्रह्मचर्य: साधना काल में ब्रह्मचर्य का पालन करें
- 3मन की शुद्धि: क्रोध, ईर्ष्या, अहंकार और भय का त्याग करें
- 4भय मुक्ति: काली साधना में सर्वाधिक महत्वपूर्ण — बिना भय के साधना करें
- 5गुरु दीक्षा: उच्च काली साधना से पूर्व सिद्ध गुरु से दीक्षा लें
- 6एकांत: साधना के समय किसी को बाधा न आने दें
- 7गोपनीयता: साधना की बात किसी अनाधिकारी व्यक्ति को न बताएं
- 8निरंतरता: एक बार साधना आरंभ करें तो नियमित रखें — बीच में न छोड़ें
- 9श्रद्धा: पूर्ण श्रद्धा और समर्पण भाव रखें — संदेह साधना भंग करता है
- 10तांत्रिक परंपरा में 'पंचमकार' (मद्य, मांस, मत्स्य, मुद्रा, मैथुन) का उल्लेख है — किंतु यह केवल उच्च दीक्षित तांत्रिकों के लिए है और अत्यंत कड़े नियमों के अंतर्गत है
- 11सात्विक साधक के लिए: शुद्ध सात्विक आहार, लहसुन-प्याज का त्याग
- 12साधना दिवस: उस दिन मांसाहार से बचें
- 13शमशान (श्मशान) साधना — केवल सिद्ध तांत्रिकों के लिए; सामान्य जन न करें
- 14घर की साधना: पूजा कक्ष, शांत और एकांत स्थान
- 15काली मंदिर में साधना: अत्यंत शुभ और सुरक्षित
- 16माँ का भाव रखें — काली भयंकर नहीं, माँ हैं
- 17साधना में 'माँ-बच्चे' का संबंध रखें
- 18'काली मुझे दंड देंगी' — यह भाव न रखें
- 19अष्टसिद्धि, बाधा, भूत-प्रेत भय न रखें
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
साधना नियम
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।