कमला = तांत्रिक लक्ष्मी — धन-वैभव-मोक्ष। मंत्र: 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये...' (8 लाख)। शुक्रवार, शरद पूर्णिमा। पीले-सुनहरे वस्त्र, कमलगट्टा माला। भोग: खीर-कमल-मधु। ध्यान: चतुर्भुजा, कलश-कमल, हाथी-अभिषेक। फल: धन-व्यवसाय-कुटुम्ब-समृद्धि। दशमहाविद्याओं में सर्वाधिक सौम्य और सुलभ।
- 1वैदिक लक्ष्मी — विष्णु-पत्नी, सात्विक, पूजा-विधि सरल
- 2तांत्रिक कमला — स्वतंत्र शक्ति, तंत्र-विधि, अधिक तीव्र और शीघ्र-फलदायी
- 3बीज: 'श्रीं'
- 4मूल: 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः'
- 5सरल: 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः'
- 6शुक्रवार — अनिवार्य
- 7पूर्णिमा — विशेष, शरद पूर्णिमा सर्वोत्तम
- 8ब्रह्ममुहूर्त — नित्य जप
- 9असाधारण धन और सम्पत्ति
- 10व्यवसाय में उन्नति
- 11कुटुम्ब में सुख-समृद्धि
- 12दरिद्रता का स्थायी नाश
- 13अंततः मोक्ष — 'दशमहाविद्याओं की अंतिम देवी होने से मोक्ष-दायिनी'