विस्तृत उत्तर
कमला देवी साधना — दशमहाविद्याओं में धन, वैभव और मोक्ष की देवी:
कमला देवी का परिचय
दशमहाविद्याओं में दशम (अंतिम)। 'कमला' = कमल-धारिणी = लक्ष्मी का तांत्रिक रूप। वैदिक लक्ष्मी और तांत्रिक कमला में — शक्ति समान, उपासना-विधि भिन्न। 'सर्वसम्पत्प्रदा' — सर्व-सम्पदा देने वाली।
कमला तंत्र — कमला और लक्ष्मी में अंतर
- ▸वैदिक लक्ष्मी — विष्णु-पत्नी, सात्विक, पूजा-विधि सरल
- ▸तांत्रिक कमला — स्वतंत्र शक्ति, तंत्र-विधि, अधिक तीव्र और शीघ्र-फलदायी
कमला-साधना की विधि
1मंत्र
- ▸बीज: 'श्रीं'
- ▸मूल: 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः'
- ▸सरल: 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः'
2काल
- ▸शुक्रवार — अनिवार्य
- ▸पूर्णिमा — विशेष, शरद पूर्णिमा सर्वोत्तम
- ▸ब्रह्ममुहूर्त — नित्य जप
3वस्त्र
पीले या सुनहरे वस्त्र। रेशमी हो तो सर्वोत्तम।
4ध्यान-स्वरूप (कमला तंत्र)
सुवर्णवर्णा, चतुर्भुजा, दो हाथों में सुवर्ण-पूर्ण कलश, दो हाथों में कमल — और दो हाथी अभिषेक करते हुए — कमला का ध्यान।
5माला
कमलगट्टा माला — सर्वोत्तम। स्फटिक भी स्वीकार्य।
6भोग
खीर, मिष्ठान्न, कमल, सफेद पुष्प, मधु, नारियल।
7यंत्र
श्री यंत्र — कमला-साधना में भी श्री यंत्र उपयोगी।
8पुरश्चरण
श्रीं' = 1 अक्षर = 1 लाख। मूल मंत्र (8 अक्षर) = 8 लाख।
कमला-सिद्धि के फल (शाक्त प्रमोद)
- ▸असाधारण धन और सम्पत्ति
- ▸व्यवसाय में उन्नति
- ▸कुटुम्ब में सुख-समृद्धि
- ▸दरिद्रता का स्थायी नाश
- ▸अंततः मोक्ष — 'दशमहाविद्याओं की अंतिम देवी होने से मोक्ष-दायिनी'
कमला-साधना की विशेषता
यह दशमहाविद्याओं में सबसे 'सौम्य' और 'सुलभ' साधना है — सामान्य साधक भी गुरु-दीक्षा के बाद कर सकते हैं।
