ग्रह मंत्र: सूर्य='ॐ ह्रां...' 7K, चन्द्र='ॐ श्रां...' 11K, मंगल='ॐ क्रां...' 10K, बुध='ॐ ब्रां...' 9K, गुरु='ॐ ग्रां...' 19K, शुक्र='ॐ द्रां...' 16K, शनि='ॐ प्रां...' 23K, राहु='ॐ भ्रां...' 18K, केतु='ॐ स्रां...' 17K। गायत्री = सर्वग्रह शांति।
- 1सूर्य दोष: 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः' — 7,000 जप। गायत्री मंत्र भी अत्यंत प्रभावी।
- 2चन्द्र दोष: 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः' — 11,000 जप। महामृत्युंजय मंत्र।
- 3मंगल दोष: 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' — 10,000 जप। हनुमान चालीसा।
- 4बुध दोष: 'ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः' — 9,000 जप। विष्णु सहस्रनाम।
- 5गुरु (बृहस्पति) दोष: 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः' — 19,000 जप। दक्षिणामूर्ति स्तोत्र।
- 6शुक्र दोष: 'ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः' — 16,000 जप। लक्ष्मी स्तोत्र।
- 7शनि दोष: 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' — 23,000 जप। हनुमान चालीसा, शनि स्तोत्र।