ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
चेकलिस्ट

कुक्कुटेश्वर शिवलिंग की शास्त्रसम्मत पूजन विधि और ध्यान मंत्र क्या है?

की चेकलिस्ट

ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद न्यास और 'ॐ ध्यायेन्नित्यं महेशं...' मंत्र से ध्यान किया जाता है। फिर पंचामृत और काले तिल मिश्रित जल से अभिषेक कर 'ॐ नमः शिवाय' का जाप और बिल्वपत्र अर्पण का विधान है।

  1. 1न्यास: तांत्रिक सुरक्षा के लिए 'ॐ मम शिखायै वषट्', 'ॐ कवचाय हुम्', और 'ॐ अस्त्राय फट्' मंत्रों से न्यास किया जाता है।
  2. 2ध्यान: शिव के विश्व-रूप का ध्यान करते हुए मंत्र 'ॐ ध्यायेन्नित्यं महेशं रजतगिरिनिभं...' का उच्चारण किया जाता है।
  3. 3अभिषेक: गंगा जल, पंचामृत और विशेष रूप से काले तिल मिश्रित जल से अभिषेक किया जाता है। अभिषेक के समय रुद्राष्टाध्यायी या पंचाक्षरी मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' का जाप किया जाता है।
  4. 4अर्पण: भगवान को 'ॐ महादेवाय नमः' कहते हुए त्रिदल बिल्वपत्र अर्पित किए जाते हैं।
  5. 5विसर्जन: पूजा की पूर्णता पर 'स्वस्थाने परमेश्वर मम पूजाम् गृहाण...' मंत्र से विसर्जन कर ऊर्जा को ब्रह्मांडीय स्रोत में समाहित किया जाता है।
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